सीआईटीएस (CITS - Crafts Instructor Training Scheme) पूरा करने के बाद ज़्यादातर छात्रों का सबसे बड़ा लक्ष्य किसी सरकारी आईटीआई (ITI) कॉलेज में ट्रेनिंग ऑफिसर (Training Officer) या अनुदेशक (Instructor) बनना होता है। आइए जानते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया, योग्यता और चयन की रणनीति।
🎓 आवश्यक शैक्षिक योग्यता (Eligibility Criteria)
एक सरकारी आईटीआई इंस्ट्रक्टर बनने के लिए आपके पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
- बेसिक शिक्षा: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (Matriculation) पास।
- टेक्निकल डिग्री: संबंधित ट्रेड में ITI, Diploma (Polytechnic), या B.Tech / B.E. डिग्री।
- CITS सर्टिफिकेट: NCIC (National Craft Instructor Certificate) होना अनिवार्य या अत्यधिक वरियता प्राप्त है।
- ITI पास छात्रों के लिए: 3 वर्ष का अनुभव
- Diploma होल्डर्स के लिए: 2 वर्ष का अनुभव
- B.Tech/Degree होल्डर्स के लिए: 1 वर्ष का अनुभव
📝 भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process)
1. वैकेंसियों की घोषणा
विभिन्न राज्य सरकारें (जैसे UPSSSC, MP Vyapam, RSSB Rajasthan, BSSC Bihar) समय-समय पर इंस्ट्रक्टर की भर्तियां निकालती हैं। इसके लिए रोजगार समाचार पत्र और विभागीय वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए।
2. लिखित परीक्षा (Written Examination)
चयन का मुख्य आधार लिखित (CBT) परीक्षा होती है। इसमें:
- ट्रेड थ्योरी (Trade Knowledge)
- सामान्य ज्ञान (GK), रीजनिंग और गणित
- टीचिंग मेथोडोलॉजी (Principles of Teaching - POT) से प्रश्न पूछे जाते हैं।
3. वेटेज (Weightage) और मेरिट लिस्ट
कई राज्यों में चयन प्रक्रिया में CITS पास उम्मीदवारों को उनके CITS के अंकों का 20% से 30% वेटेज दिया जाता है। इसके अलावा लिखित परीक्षा के मार्क्स को जोड़कर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होती है।
✅ निष्कर्ष
सरकारी आईटीआई में इंस्ट्रक्टर की नौकरी एक बहुत ही सम्मानजनक और अच्छी सैलरी वाली पोस्ट है। CITS करने के बाद आपको अपने टेक्निकल विषय और POT (Principles of Teaching) को मजबूत रखना चाहिए। अनुभव प्राप्त करते हुए राज्य सरकारों की भर्तियों की तैयारी निरंतर करते रहें।